एलवीएम3-एम4-चंद्रयान-3 मिशन: 23 अगस्त, 2023 को भा.मा.स. 17:20 बजे से स
20 अगस्त, 2023
लैंडर मॉड्यूल 25 किमी x 134 किमी कक्षा में है। पावर्ड डिसेंट 23 अगस्त, 2023 को लगभग 1745 बजे शुरू होने की उम्मीद है।
19 अगस्त 2023
लैंडर मॉड्यूल चंद्रमा के चारों ओर 113 किमी x 157 किमी की कक्षा में है। दूसरी डी-बूस्टिंग की योजना 20 अगस्त, 2023 को बनाई गई है
अगस्त 17, 2023
लैंडर माड्यूल सफलतापूर्वक नोदन मॉड्यूल से अलग हुआ, गति कम करने की प्रक्रिया 18 अगस्त 2023 को निर्धारित है।
अगस्त 16, 2023
16 अगस्त, 2023 को युक्तिचालन के बाद अंतरिक्ष यान 153 किमी x 163 किमी की कक्षा में है
अगस्त 14, 2023
मिशन कक्षा वृत्ताकारीकरण चरण में है। अंतरिक्ष यान 151 किमी x 179 किमी कक्षा में है
09 अगस्त 2023
9 अगस्त, 2023 को किए गए एक युक्तिचालन के बाद चंद्रयान -3 की कक्षा घटकर 174 किमी x 1437 किमी हो गई है
06 अगस्त 2023
एलबीएन#2 सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। अंतरिक्ष यान चंद्रमा के चारों ओर 170 किमी x 4313 किमी की कक्षा में है
05 अगस्त 2023
चंद्रयान-3 सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया है। जैसा कि पूर्वनियोजित था, कक्षा 164 किमी x 18074 किमी हासिल की गई।
01 अगस्त 2023
अंतरिक्ष यान को ट्रांसलूनर कक्षा में स्थापित किया गया है। हासिल की गई कक्षा 288 किमी x 369328 किमी है। चंद्र-कक्षा सम्मिलन (एलओआई) की योजना 5 अगस्त, 2023 को बनाई गई है।
25 जुलाई 2023
25 जुलाई, 2023 को कक्षा बढ़ाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। अगली फायरिंग (ट्रांसलूनर इंजेक्शन), 1 अगस्त, 2023 के लिए योजना बनाई गई है।
22 जुलाई 2023
चौथा कक्षा-उत्थान युक्तिचालन (पृथ्वी-बाउंड पेरिगी फायरिंग) पूरा हो गया है। अंतरिक्ष यान अब 71351 किमी x 233 किमी की कक्षा में है।
17 जुलाई 2023
दूसरा कक्षा-उन्नयन युक्तिचालन का प्रदर्शन किया गया। अंतरिक्ष यान अब 41603 किमी x 226 किमी कक्षा में है।
15 जुलाई 2023
पहला कक्षा-उन्नयन युक्तिचालन (पृथ्वी-संबद्ध फायरिंग-1) इस्ट्रैक/इसरो, बेंगलुरु में सफलतापूर्वक किया गया है। अंतरिक्ष यान अब 41762 किमी x 173 किमी कक्षा में है।
14 जुलाई 2023
एलवीएम3 एम4 वाहन ने चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक कक्षा में प्रक्षेपित किया। चंद्रयान-3 ने अपनी सटीक कक्षा में चंद्रमा की यात्रा शुरू कर दी है। अंतरिक्ष यान का स्वास्थ्य सामान्य है।